छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 को समझना सबसे जरूरी है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल सामान्य पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विषयवार पाठ्यक्रम, अंकों का विभाजन, बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र, भाषा शिक्षण, गणित, पर्यावरण अध्ययन, कंप्यूटर और छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान जैसे सभी भागों की व्यवस्थित तैयारी करनी होगी।
सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के उपलब्ध पाठ्यक्रम के अनुसार कुल 100 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा के पाठ्यक्रम को तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है। भाग-अ में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन शामिल हैं। भाग-ब में बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र रखा गया है। भाग-स में सामान्य मानसिक योग्यता, कंप्यूटर शिक्षा और सामान्य ज्ञान शामिल हैं।
इस पाठ्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें केवल विषय संबंधी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों के विकास, सीखने की प्रक्रिया, समावेशी शिक्षा, भाषा विकास, मूल्यांकन, कंप्यूटर शिक्षा और छत्तीसगढ़ की सामान्य जानकारी को भी शामिल किया गया है।
इसलिए यदि आप CG Assistant Teacher Syllabus 2026, सहायक शिक्षक परीक्षा का पाठ्यक्रम, विषयवार अंक, परीक्षा की तैयारी और महत्वपूर्ण टॉपिक्स जानना चाहते हैं, तो यह पूरा लेख आपके लिए उपयोगी है।
Exam Pattern
उपलब्ध पाठ्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का कुल पाठ्यक्रम 100 अंकों का है। अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए गए हैं।
| विषय | अंक |
|---|---|
| हिन्दी | 15 |
| अंग्रेजी | 10 |
| गणित | 15 |
| पर्यावरण अध्ययन | 10 |
| बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र | 15 |
| सामान्य मानसिक योग्यता | 15 |
| कंप्यूटर शिक्षा | 5 |
| सामान्य ज्ञान | 15 |
| कुल | 100 |
अंकों के इस विभाजन को देखकर स्पष्ट है कि हिन्दी, गणित, बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र, सामान्य मानसिक योग्यता और सामान्य ज्ञान जैसे विषय परीक्षा की तैयारी में काफी महत्वपूर्ण हैं।
कंप्यूटर शिक्षा के लिए 5 अंक निर्धारित हैं, लेकिन कम अंक होने के कारण इस विषय को पूरी तरह छोड़ना सही रणनीति नहीं होगी। कम पाठ्यक्रम और सीमित अंकों वाले विषय से अच्छे अंक प्राप्त करके कुल स्कोर बढ़ाया जा सकता है।
इसी तरह अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन के लिए 10-10 अंक हैं। इन दोनों विषयों में पाठ्यक्रम आधारित तैयारी करके अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
Hindi Syllabus
हिन्दी के लिए कुल 15 अंक निर्धारित हैं। हिन्दी के पाठ्यक्रम में भाषा के मूल व्याकरणिक भागों के साथ बच्चों के भाषाई विकास, भाषा सीखने की प्रक्रिया, भाषा क्षमता और मूल्यांकन से जुड़े विषय भी शामिल किए गए हैं।
हिन्दी का पाठ्यक्रम केवल सामान्य व्याकरण तक सीमित नहीं है। इसमें भाषा शिक्षण और बच्चों की भाषा सीखने की प्रक्रिया को भी महत्व दिया गया है।
Unit 1
वर्ण विचार के अंतर्गत स्वर, व्यंजन, अक्षर, वर्तनी, लिंग, वचन, कारक, संधि और काल का अध्ययन करना होगा।
अभ्यर्थियों को स्वर और व्यंजन की पहचान, अक्षर संबंधी जानकारी तथा सही वर्तनी का अभ्यास करना चाहिए। लिंग और वचन के नियमों को उदाहरण सहित समझना उपयोगी रहेगा।
कारक और उसके चिह्न, संधि के प्रकार तथा काल से संबंधित प्रश्नों की तैयारी भी करनी चाहिए।
Unit 2
शब्द विचार में शब्द रूप और शब्द रचना को शामिल किया गया है।
स्रोत के आधार पर शब्दों के वर्ग में तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्दों का अध्ययन करना होगा।
अर्थ के आधार पर शब्द भेद में मुहावरे, लोकोक्तियां, पर्यायवाची, विलोम और अनेकार्थी शब्द शामिल हैं।
इस भाग के लिए अभ्यर्थियों को शब्दों के अर्थ, समान अर्थ वाले शब्द, विपरीत अर्थ वाले शब्द और एक से अधिक अर्थ वाले शब्दों का अभ्यास करना चाहिए।
Unit 3
शब्द रचना में उपसर्ग, प्रत्यय और समास शामिल हैं।
इसके साथ अनेक शब्दों या वाक्यांशों के लिए एक शब्द भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
इस भाग में नियमों को याद करने के साथ उदाहरणों का अभ्यास करना जरूरी है।
Unit 4
पद एवं पद भेद में संज्ञा और उसके प्रकार, कारक चिह्न, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया शामिल हैं।
संज्ञा के विभिन्न प्रकार, सर्वनाम की पहचान, विशेषण का प्रयोग और क्रिया से संबंधित प्रश्नों की तैयारी करनी चाहिए।
Unit 5
वाक्य परिचय के अंतर्गत वाक्य के अंग, वाक्य के भेद और पदक्रम का अध्ययन करना होगा।
वाक्य की संरचना और विभिन्न प्रकार के वाक्यों को उदाहरण के साथ समझना परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी रहेगा।
Unit 6
रचना भाग में अपठित गद्यांश शामिल है।
इसमें दिए गए गद्यांश को पढ़कर उसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए नियमित रूप से हिन्दी गद्यांश पढ़ने और प्रश्न हल करने का अभ्यास करना चाहिए।
Unit 7
बच्चों की भाषाई विकास प्रक्रिया में भाषा विकास के चरण, बच्चे भाषा कैसे सीखते हैं और भाषा सीखने की प्रक्रिया के गुण शामिल हैं।
यह भाग शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शिक्षक की भूमिका और बच्चों के भाषा विकास की समझ को महत्व दिया गया है।
Unit 8
बच्चों में भाषाई क्षमता एवं उसके विकास के अंतर्गत पठन, अर्थ समझना एवं अर्थ निर्माण, डिकोडिंग, भाषा सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना तथा इनका अंतर्संबंध शामिल है।
वाक्य रचना कौशल भी इस भाग में शामिल है।
Unit 9
समावेशी भाषा कक्षा और बहुभाषिकता का अध्ययन करना होगा।
विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि वाले बच्चों को कक्षा में सीखने के अवसर देना और भाषा संबंधी विविधता को समझना इस भाग का मुख्य उद्देश्य है।
Unit 10
भाषा में मूल्यांकन क्यों आवश्यक है और मूल्यांकन की प्रकृति क्या है, इसका अध्ययन करना होगा।
बच्चों की भाषा क्षमता के आकलन के संभावित तरीके तथा भाषा सीखने, लिखने और पढ़ने की प्रक्रिया में गलतियों की भूमिका भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
English Syllabus
अंग्रेजी के लिए कुल 10 अंक निर्धारित हैं। अंग्रेजी पाठ्यक्रम को मुख्य रूप से दो हिस्सों में समझा जा सकता है।
पहला भाग Comprehension से संबंधित है और दूसरा भाग भाषा विकास की Pedagogy से संबंधित है।
Comprehension
अंग्रेजी में unseen prose passages दिए जा सकते हैं। इन गद्यांशों के आधार पर comprehension, grammar और verbal ability से जुड़े प्रश्नों की तैयारी करनी होगी।
अभ्यर्थियों को अंग्रेजी गद्यांश पढ़कर उसका मुख्य भाव समझने, तथ्य पहचानने और प्रश्नों के सही उत्तर देने का अभ्यास करना चाहिए।
Grammar
अंग्रेजी के व्याकरण से संबंधित प्रश्नों की तैयारी आवश्यक है। पाठ्यक्रम में comprehension के साथ grammar को भी महत्व दिया गया है।
अभ्यर्थियों को सामान्य अंग्रेजी व्याकरण, वाक्य संरचना और भाषा प्रयोग की बुनियादी समझ मजबूत करनी चाहिए।
Vocabulary
शब्दावली भी अंग्रेजी पाठ्यक्रम का हिस्सा है। शब्दों के अर्थ, भाषा में उनका प्रयोग और संदर्भ के अनुसार अर्थ समझने का अभ्यास करना चाहिए।
Language Development Pedagogy
भाषा अधिग्रहण और कक्षा में भाषा सीखने की प्रक्रिया इस भाग का महत्वपूर्ण विषय है।
भाषा शिक्षण के सिद्धांत, पढ़ने और लिखने से पहले सुनने और बोलने की भूमिका, phonics और phonemic awareness जैसे विषयों को समझना होगा।
भाषा का कार्य क्या है और बच्चे भाषा का उपयोग एक उपकरण के रूप में कैसे करते हैं, यह भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
Grammar And Communication
भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका को आलोचनात्मक दृष्टिकोण से समझना होगा। विशेष रूप से मौखिक और लिखित रूप में विचारों को व्यक्त करने के लिए व्याकरण का उपयोग कैसे होता है, इस विषय पर ध्यान देना चाहिए।
Diverse Classroom
विविध कक्षा में भाषा शिक्षण की चुनौतियां, भाषा संबंधी कठिनाइयां, गलतियां और disorders भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
Language Skills
Speaking, listening, reading और writing चारों भाषा कौशलों को समझना होगा।
भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन कैसे किया जाए, यह भी महत्वपूर्ण है।
Teaching Learning Material
कम लागत वाली teaching learning materials बनाने और उपयोग करने की जानकारी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
पाठ्यपुस्तक के unit themes और learning objectives को समझना भी आवश्यक है।
इसके साथ holistic और play-based pedagogy पर जोर दिया गया है।
डिजिटल सामग्री का सुरक्षित और उचित उपयोग, multimedia materials तथा classroom में multilingual resources का उपयोग भी अंग्रेजी Pedagogy में शामिल है।
Assessment And Remedial Teaching
भाषा में assessment तथा remedial teaching महत्वपूर्ण विषय हैं।
बच्चों में व्यक्तिगत अंतर, learner needs और सीखने की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर सुधारात्मक शिक्षण कैसे किया जाए, इसकी तैयारी करनी चाहिए।
Mathematics Syllabus
गणित के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। गणित का पाठ्यक्रम विषय की प्रकृति, गणित सीखने और आकलन के साथ-साथ संख्या, भिन्न, प्रतिशत, अनुपात, ज्यामिति और दैनिक जीवन से जुड़े गणितीय विषयों को शामिल करता है।
Unit 1
गणित की भूमिका में प्राचीन भारतीय गणितज्ञों के योगदान एवं उनके कार्यों का अध्ययन करना होगा।
Unit 2
गणित की प्रकृति के अंतर्गत गणित का स्वरूप, गणितीय सोच, अमूर्तिकरण, विशिष्टिकरण और व्यापकिकरण तथा अन्य विषयों के साथ गणित के संबंध को शामिल किया गया है।
Unit 3
गणित सीखना एवं आकलन में प्राचीन भारतीय गणितीय पद्धति द्वारा सीखना, कक्षा में रचनावाद, आकलन, अवधारणा और प्रक्रियात्मक ज्ञान शामिल हैं।
यह भाग शिक्षक की दृष्टि से गणित सीखने की प्रक्रिया को समझने पर केंद्रित है।
Unit 4
दशमलव प्रणाली गणित पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण भाग है।
इसके साथ पूर्ण संख्याएं, सम और विषम संख्याएं, अभाज्य एवं विभाज्य संख्याएं, त्रिभुजाकार संख्या और कापरेकर संख्या जैसे विषय शामिल हैं।
Fractions
भिन्नों की परस्पर तुलना, भिन्नों के नियम और दशमलव भिन्न को साधारण भिन्न में बदलना पाठ्यक्रम में शामिल है।
Simplification
व्यंजकों का सरलीकरण और BODMAS का प्रयोग महत्वपूर्ण है।
इस भाग के लिए गणितीय संक्रियाओं के क्रम को अच्छी तरह समझना चाहिए।
Square Root
वर्गमूल निकालने की विभिन्न विधियों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
HCF And LCM
महत्तम समापवर्तक और लघुत्तम समापवर्त्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करना पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
Average
माध्य, माध्यिका और बहुलक पर आधारित प्रश्नों की तैयारी करनी चाहिए।
Percentage
प्रतिशत, ब्याज, लाभ और हानि से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।
यह भाग गणित के साथ-साथ दैनिक जीवन की गणनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Ratio And Proportion
अनुपात, समानुपात और ऐकिक नियम का अध्ययन करना होगा।
Speed Time Distance
चाल, समय और दूरी से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।
Mensuration
क्षेत्रफल, परिमाप और आयतन पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
Pattern
पैटर्न की पहचान करना, समस्याओं और समाधान के बीच तथा उनके भीतर समानता को तलाशना और पहचानना भी गणित पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
Geometry
ज्यामितीय आकृतियों की पहचान, समझ और रचना से संबंधित विषय शामिल हैं।
Coordinate Geometry
निर्देशांक ज्यामिति का उपयोग करके स्थिति को निर्दिष्ट करना भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
Environmental Studies Syllabus
पर्यावरण अध्ययन के लिए 10 अंक निर्धारित हैं। इसमें पर्यावरण की समझ से लेकर बच्चों की पर्यावरण संबंधी समझ, स्वास्थ्य, परिवार, पारिस्थितिक तंत्र और छत्तीसगढ़ की संस्कृति तक कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
Unit 1
पर्यावरण के घटक सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक हैं। इन घटकों की अंतःक्रिया और पर्यावरण के प्रमुख सरोकारों का अध्ययन करना होगा।
पर्यावरण की रोचकता और उसके विभिन्न पहलुओं को भी समझना आवश्यक है।
Unit 2
बच्चों की पर्यावरण के बारे में समझ इस भाग का प्रमुख विषय है।
दृष्टिकोण, अनुभव आधारित समझ, परिवेश संबंधी सूचनाओं का संग्रहण, विश्लेषण, अवलोकन तथा समस्या समाधान से संबंधित विषय शामिल हैं।
Unit 3
पर्यावरण अध्ययन क्यों जरूरी है, पाठ्यक्रम के सरोकार, अवधारणा का बनना और सामाजिक अध्ययन की अवधारणा को समझना होगा।
Unit 4
पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण में विज्ञान शिक्षण और सामाजिक अध्ययन शिक्षण शामिल हैं।
बच्चों द्वारा बनाए गए चित्र को पढ़ना और समझना, दिन-रात और ऋतु को समझना, समय नापना तथा नक्शे पढ़ना और समझना भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
बाल केंद्रित शिक्षण और एकीकृत दृष्टिकोण पर भी ध्यान देना होगा।
Unit 5
कक्षा-कक्ष गतिविधियों का आयोजन और संगठन, प्रयोग, प्रयोग सामग्री का संकलन, सर्वे, प्रोजेक्ट, क्षेत्र भ्रमण, पुस्तकालय तथा मूल्यांकन और आकलन शामिल हैं।
Unit 6
परिवार संबंध में परिवार के प्रकार, सामाजिक घटनाएं और सामाजिक बुराइयां शामिल हैं।
नशे जैसी समस्याओं के सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणाम और सामाजिक सहभागिता का अध्ययन भी करना होगा।
Unit 7
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा में व्यक्तिगत स्वच्छता, शरीर के आंतरिक अंगों की सामान्य जानकारी, संतुलित भोजन और सामान्य रोग शामिल हैं।
रोगों के कारण, बचाव के उपाय, टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, सार्वजनिक स्वच्छता तथा सुरक्षा नियम और कानून व्यवस्था से संबंधित विषय भी शामिल हैं।
Unit 8
पारिस्थितिक तंत्र, पर्यावरण संरक्षण और प्रबंधन में पारिस्थितिक तंत्र की संरचना, खाद्य श्रृंखला, खाद्य जाल और पदार्थों का चक्रण शामिल है।
सतत विकास के बुनियादी विचार और पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
Unit 9
संस्कृति एवं परंपराओं में स्थानीय त्योहार, छत्तीसगढ़ की संस्कृति तथा पारंपरिक रीति-रिवाज शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ से जुड़े इन विषयों को परीक्षा की तैयारी में विशेष महत्व देना चाहिए।
Child Development And Pedagogy
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। शिक्षक भर्ती परीक्षा में यह भाग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें बच्चों के विकास, सीखने, व्यक्तिगत अंतर, समावेशी शिक्षा और शिक्षण प्रक्रिया से जुड़े विषय शामिल हैं।
Child Development
बच्चे का विकास, विकास की अवधारणा और उसका सीखने से संबंध महत्वपूर्ण विषय हैं।
बच्चों के विकास के सिद्धांत, वंशानुक्रम और वातावरण का प्रभाव तथा बुद्धिमत्ता की अवधारणा का आलोचनात्मक परिप्रेक्ष्य पढ़ना होगा।
बहुआयामी बुद्धि, भाषा एवं विचार और सीखने वालों के बीच व्यक्तिगत विभिन्नता भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
भाषायी विभिन्नता, जाति, लिंग, समुदाय और धर्म आदि के आधार पर सीखने वालों के बीच समझ में अंतर को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
Assessment
सीखने हेतु मूल्यांकन और सीखने का मूल्यांकन के बीच अंतर समझना जरूरी है।
शाला आधारित मूल्यांकन तथा सतत एवं समग्र मूल्यांकन के परिप्रेक्ष्य और अभ्यास को भी पढ़ना होगा।
Inclusive Education
समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को समझना पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण भाग है।
वंचित और कमजोर सहित विभिन्न पृष्ठभूमि से आए सीखने वालों का शिक्षण कैसे किया जाए, इसका अध्ययन करना होगा।
Learning Difficulties
सीखने में कठिनाई और विकलांगता आदि से संबंधित बच्चों के शिक्षण को समझना आवश्यक है।
सृजनात्मक एवं विशिष्ट योग्यता वाले सीखने वालों के शिक्षण से जुड़े विषय भी शामिल हैं।
Learning And Pedagogy
सीखना-सिखाना के आधारभूत तरीके, बच्चों की सीखने की रणनीतियां और सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में सीखना महत्वपूर्ण विषय हैं।
सीखने का सामाजिक परिप्रेक्ष्य, बालक को समस्या समाधान करने वाले तथा वैज्ञानिक अनुसंधान करने वाले के रूप में समझना भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
संज्ञान और संवेग, अभिप्रेरणा और सीखना तथा सीखने में सहयोगी कारक भी पढ़ने होंगे।
व्यक्तिगत और पर्यावरणीय कारकों को भी समझना आवश्यक है।
General Mental Ability
सामान्य मानसिक योग्यता के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। यह भाग तर्क क्षमता और मानसिक विश्लेषण से संबंधित है।
इसमें तर्क करना, संबंध देखना, analogy, आंकिक योग्यता और आकाशीय संबंध जैसे विषय शामिल हैं।
अभ्यर्थियों को विषमता पहचानने, आंकिक श्रेणी, अक्षर श्रेणी, अक्षर-अंक-चित्रों द्वारा संबंध पहचानने और सांकेतिक भाषा से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।
छुपे हुए चित्र, वर्ग एवं अंक, गणितीय संक्रियाएं, चित्रों का मिलान और घन से संबंधित विभिन्न प्रकार के पैटर्न भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
इस विषय में नियमित अभ्यास सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। प्रश्नों को केवल पढ़ने के बजाय समय सीमा में हल करने का अभ्यास करना चाहिए।
Computer Education
कंप्यूटर शिक्षा के लिए 5 अंक निर्धारित हैं। अंक कम होने के बावजूद यह भाग आसानी से अच्छे अंक दिला सकता है।
Computer Basics
कंप्यूटर क्या है, दैनिक जीवन में कंप्यूटर का उपयोग, शिक्षा, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कार्यालय और संचार में कंप्यूटर का महत्व तथा इसकी सीमाएं पढ़नी होंगी।
कंप्यूटर की सामान्य विशेषताओं को भी समझना होगा।
Hardware And Software
कंप्यूटर के प्रमुख भागों में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का परिचय शामिल है।
CPU, ALU, CU और Memory के बारे में जानकारी आवश्यक है।
इनपुट डिवाइस जैसे कीबोर्ड और माउस तथा अन्य सामान्य इनपुट उपकरणों की जानकारी पढ़नी चाहिए।
आउटपुट डिवाइस में मॉनिटर, प्रिंटर और स्पीकर आदि शामिल हैं।
Printer
इंकजेट प्रिंटर, लेजरजेट प्रिंटर, डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, थर्मल प्रिंटर तथा अन्य आधुनिक प्रिंटर पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
Operating System
ऑपरेटिंग सिस्टम की भूमिका और विभिन्न प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का अध्ययन करना होगा।
पाठ्यक्रम में एमएस-डॉस, विंडोज, मैक तथा ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे लिनक्स और उबंटू का उल्लेख है।
Microsoft Office
MS Word में डॉक्यूमेंट बनाना, संपादन और फॉर्मेटिंग पढ़ना होगा।
MS Excel में टेबल, फार्मूले और चार्ट शामिल हैं।
MS PowerPoint में स्लाइड निर्माण, डिजाइन और प्रस्तुतीकरण से संबंधित जानकारी पढ़नी होगी।
Internet
इंटरनेट का परिचय, Inbox, Outbox, CC, BCC, ई-मेल बनाना और मैनेज करना महत्वपूर्ण है।
ऑनलाइन डॉक्यूमेंट खोजने तथा सरकारी विभागों की वेबसाइटों की सामान्य जानकारी भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
Antivirus And Security
कंप्यूटर वायरस क्या है, वायरस के प्रकार, वायरस से होने वाले नुकसान, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का महत्व और सुरक्षा उपायों का अध्ययन करना होगा।
Multimedia
मल्टीमीडिया का अर्थ, ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट का उपयोग तथा मल्टीमीडिया अनुप्रयोगों को पढ़ना होगा।
Storage Devices
प्राथमिक और द्वितीयक स्टोरेज, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सीडी, डीवीडी तथा क्लाउड स्टोरेज की मूल जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल है।
Search Engine
सर्च इंजन क्या है, Google और YouTube जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सामान्य परिचय, वांछित जानकारी कैसे खोजें और सुरक्षित एवं प्रभावी सर्चिंग तकनीकों को समझना होगा।
General Knowledge
सामान्य ज्ञान के लिए 15 अंक निर्धारित हैं। यह भाग काफी विस्तृत है और इसमें सामान्य विज्ञान से लेकर भारतीय संविधान, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, छत्तीसगढ़ और नई शिक्षा नीति तक के विषय शामिल हैं।
General Science
भौतिकी, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान से संबंधित मूलभूत जानकारी पढ़नी होगी।
Indian Constitution
मुख्य संवैधानिक प्रावधान, मौलिक कर्तव्य, मौलिक अधिकार और भारतीय राजनीतिक व्यवस्था को पढ़ना आवश्यक है।
सूचना का अधिकार, लोकतंत्र और चुनाव, लोकसभा तथा राज्यसभा भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
Indian History
भारतीय इतिहास, भारतीय सभ्यता और संस्कृति तथा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का अध्ययन करना होगा।
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास और स्वतंत्रता के बाद के घटनाक्रम पर भी ध्यान देना चाहिए।
Geography
सामान्य भूगोल के साथ भारत और विश्व के भूगोल से जुड़े विषय शामिल हैं।
Indian Economy
सामाजिक और आर्थिक विकास, जनसंख्या परिप्रेक्ष्य, सकल राष्ट्रीय उत्पादन और प्रति व्यक्ति आय जैसे विषय शामिल हैं।
पंचवर्षीय योजनाएं, कृषि और ग्रामीण विकास, औद्योगिक विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था, बैंकिंग प्रणाली तथा वर्तमान आर्थिक घटनाक्रम भी पढ़ना होगा।
Chhattisgarh General Knowledge
छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान इस परीक्षा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
छत्तीसगढ़ का इतिहास, भूगोल, राजनीतिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था पढ़नी होगी।
शासकीय योजनाएं, पुरस्कार-सम्मान, परंपराएं, लोकगीत, लोकसंगीत और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी करनी चाहिए।
National Education Policy
नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्कूल शिक्षा से संबंधित भाग भी सामान्य ज्ञान के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
इसलिए अभ्यर्थियों को नई शिक्षा नीति के स्कूल शिक्षा से संबंधित प्रमुख प्रावधानों की जानकारी रखनी चाहिए।
Subject Wise Preparation
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 की तैयारी करते समय सभी विषयों को समान तरीके से पढ़ने के बजाय अंकों के अनुसार समय का विभाजन करना अधिक उपयोगी रहेगा।
| विषय | तैयारी का मुख्य फोकस |
|---|---|
| हिन्दी | व्याकरण, भाषा विकास, अपठित गद्यांश |
| अंग्रेजी | Comprehension, Grammar, Vocabulary, Pedagogy |
| गणित | संख्या, प्रतिशत, अनुपात, ज्यामिति, गणना |
| पर्यावरण अध्ययन | पर्यावरण, स्वास्थ्य, परिवार, छत्तीसगढ़ संस्कृति |
| बाल विकास | विकास, सीखना, समावेशी शिक्षा, मूल्यांकन |
| मानसिक योग्यता | तर्क, श्रेणी, संबंध, चित्र और पैटर्न |
| कंप्यूटर | बेसिक कंप्यूटर, ऑफिस, इंटरनेट, सुरक्षा |
| सामान्य ज्ञान | भारत, संविधान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था, छत्तीसगढ़ |
Preparation Strategy
सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को विषयवार लिखकर अपनी तैयारी की योजना बनानी चाहिए। जिस विषय के लिए अधिक अंक निर्धारित हैं, उस विषय को अधिक समय देना चाहिए।
हिन्दी और गणित के लिए प्रतिदिन अभ्यास करना लाभदायक रहेगा। गणित में केवल सूत्र याद करने की बजाय प्रश्नों को हल करना जरूरी है। हिन्दी में व्याकरण के नियमों के साथ उदाहरणों का अभ्यास करना चाहिए।
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र में केवल तथ्यों को याद करने के बजाय अवधारणाओं को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। बच्चे कैसे सीखते हैं, व्यक्तिगत अंतर क्या है, समावेशी शिक्षा क्यों आवश्यक है और मूल्यांकन कैसे किया जाता है जैसे प्रश्न समझ आधारित हो सकते हैं।
सामान्य मानसिक योग्यता में लगातार प्रश्न हल करने से गति और सटीकता बेहतर होती है।
कंप्यूटर के लिए मूलभूत अवधारणाओं, MS Office, इंटरनेट और कंप्यूटर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
सामान्य ज्ञान में भारत के साथ छत्तीसगढ़ को विशेष महत्व देना चाहिए क्योंकि पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संस्कृति, योजनाएं और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व स्पष्ट रूप से शामिल हैं।
Daily Study Plan
यदि अभ्यर्थी प्रतिदिन 6 घंटे पढ़ाई कर रहा है तो विषयों का समय इस प्रकार बांटा जा सकता है।
| समय | विषय |
|---|---|
| 1 घंटा | हिन्दी |
| 1 घंटा | गणित |
| 1 घंटा | बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र |
| 1 घंटा | सामान्य ज्ञान |
| 45 मिनट | सामान्य मानसिक योग्यता |
| 30 मिनट | अंग्रेजी |
| 30 मिनट | पर्यावरण अध्ययन |
| 15 मिनट | कंप्यूटर |
समय का यह विभाजन केवल एक उदाहरण है। अभ्यर्थी अपनी कमजोरी और उपलब्ध समय के अनुसार इसे बदल सकता है।
Revision Strategy
सिलेबस पूरा करने के बाद Revision सबसे महत्वपूर्ण चरण है। पहली बार पढ़ते समय बनाए गए छोटे नोट्स दोहराने में बहुत मदद कर सकते हैं।
हिन्दी के नियम, गणित के सूत्र, बाल विकास की अवधारणाएं, कंप्यूटर के तथ्य और सामान्य ज्ञान के महत्वपूर्ण बिंदुओं की अलग सूची बनानी चाहिए।
हर सप्ताह एक दिन केवल Revision के लिए रखा जा सकता है।
गणित और मानसिक योग्यता में गलत हुए प्रश्नों की अलग कॉपी बनाना उपयोगी रहेगा। दोबारा अभ्यास करते समय उन्हीं प्रश्नों को फिर से हल करने से कमजोर अध्यायों की पहचान होगी।
Mock Test Strategy
परीक्षा की तैयारी के अंतिम चरण में नियमित Mock Test देना चाहिए।
Mock Test देते समय केवल अंक देखना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक गलत प्रश्न का कारण पता करना जरूरी है।
यदि प्रश्न जानकारी के अभाव में गलत हुआ है तो संबंधित विषय दोबारा पढ़ें। यदि प्रश्न जल्दबाजी में गलत हुआ है तो समय प्रबंधन पर काम करें। यदि गणना की गलती हुई है तो गणितीय प्रक्रिया को दोबारा अभ्यास करें।
सामान्य मानसिक योग्यता और गणित में समय प्रबंधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।
Important Topics
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 में कुछ विषय ऐसे हैं जिन पर अभ्यर्थियों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
| विषय | महत्वपूर्ण क्षेत्र |
|---|---|
| हिन्दी | संधि, समास, उपसर्ग, प्रत्यय, पर्यायवाची, विलोम |
| अंग्रेजी | Comprehension, Grammar, Vocabulary |
| गणित | संख्या, भिन्न, BODMAS, प्रतिशत, अनुपात |
| गणित | लाभ-हानि, ब्याज, औसत, चाल-दूरी |
| गणित | क्षेत्रफल, परिमाप, आयतन, ज्यामिति |
| EVS | पर्यावरण, स्वास्थ्य, परिवार, पारिस्थितिकी |
| बाल विकास | विकास, सीखना, समावेशी शिक्षा |
| मानसिक योग्यता | श्रेणी, analogy, संबंध, चित्र, घन |
| कंप्यूटर | Hardware, Software, MS Office, Internet |
| सामान्य ज्ञान | संविधान, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था |
| छत्तीसगढ़ | इतिहास, भूगोल, संस्कृति, योजनाएं |
| शिक्षा नीति | नई शिक्षा नीति 2020 |
Final Preparation Tips
CG Sahayak Shikshak Syllabus 2026 की तैयारी करते समय सबसे पहले आधिकारिक रूप से उपलब्ध पाठ्यक्रम में दिए गए सभी विषयों को पूरा पढ़ना चाहिए। किसी एक विषय को छोड़कर केवल दूसरे विषयों पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं होगी।
100 अंकों के पेपर में प्रत्येक विषय का योगदान अलग है। इसलिए 5 अंक वाले कंप्यूटर को पूरी तरह छोड़ने की बजाय उसकी तैयारी पूरी कर लेना बेहतर है। इसी प्रकार अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन के 10-10 अंक भी कुल स्कोर बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
गणित और सामान्य मानसिक योग्यता के लिए नियमित प्रश्न अभ्यास जरूरी है। हिन्दी और अंग्रेजी में भाषा संबंधी नियमों के साथ comprehension का अभ्यास करना चाहिए।
बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र शिक्षक भर्ती परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विषय में रटने के बजाय बच्चों के व्यवहार, सीखने की प्रक्रिया, व्यक्तिगत विभिन्नता, समावेशी शिक्षा और मूल्यांकन को समझना चाहिए।
सामान्य ज्ञान में छत्तीसगढ़ से जुड़े विषयों को विशेष प्राथमिकता दें। छत्तीसगढ़ का इतिहास, भूगोल, राजनीतिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, सरकारी योजनाएं, संस्कृति, लोकगीत, लोकसंगीत और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व पाठ्यक्रम का स्पष्ट हिस्सा हैं।
अंतिम दिनों में नया विषय शुरू करने के बजाय Revision, Practice और Mock Test पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
